ख़्वाजा है हमारा, ख़्वाजा है हमारा दीवाने मोहब्बत से लगाते हैं ये नारा, ख़्वाजा है हमारा, ख़्वाजा है हमारा। देता है जो ज़हरा के दुलारों का उतारा, ख़्वाजा है हमारा, ख़्वाजा है हमारा। बोलो बोलो वो, ख़्वाजा का दरबार। मुश्किल में ग़ुलामों ने उन्हें जब भी पुकारा, अजमेर से देने वो चले आए सहारा। बहता है जहाँ रहमत ओ अनवार का धारा, करवाए जो अजमेर से तैयबा का नज़ारा। ख़्वाजा है हमारा, ख़्वाजा है हमारा। बोलो बोलो वो, ख़्वाजा का दरबार। चौहान ने तालाब पे जब पहरा लगाया, पानी न मिलेगा यही ऐलान कराया। ये सुनते ही ख़्वाजा का करम जोश में आया, और पानी कटोरे में भरा करके इशारा। ख़्वाजा है हमारा, ख़्वाजा है हमारा। बोलो बोलो वो, ख़्वाजा का दरबार। काफ़िर को यहाँ जिसने मुसलमान किया है, वो सरवर-ए-आलम की अताओं से मिला है। दिल मेरा भी उस मर्द-ए-मुजाहिद पे फ़िदा है, वो शेर-ए-ख़ुदा, फ़ातिमा ज़हरा का दुलारा। ख़्वाजा है हमारा, ख़्वाजा है हमारा। बोलो बोलो वो, ख़्वाजा का दरबार। तारीख़-ए-मदीना में पढ़ा है यही हमने, भेजा था मदीने से उसे शाह-ए-उमम ने। बख़्शा है हमें ऐसा वली रब के करम ने, जो दूर करे ज़ुल्म ओ सितम करके इशा...
Tareekhiyon Main Noor Ke Aasaar Aagaye, Sarkar Aagaye Mere Sarkar Agaye, Mausam Hasi Hai Matlaye Anwar Aagaye Sarkar Aagaye Mere Sarkar Aagaye. Barah Rabi E Noor Ki Tabinda Shehar Hai, Bi Aamina Ki Godh Main Rakhsinda Kamar Hai, Karne Ke Liye Noor Ki Bouchar Aagaye, Sarkar Aagaye Mere Sarkar Aagaye. Koi Laga Na Payega Azmat Ki Boliyan, Ab Zinda Dafn Hongi Na Hau'aa Ki Betiyan, Saare Jahaan Ke Momino GhamKhaar Aagaye, Sarkar Aagaye Mere Sarkar Aagaye. Ghabraake Sajda Raiz Hue Buth Zameen Par, Imaan Laaye Log Mohammad Ke Deen Par, Kalma Padhane Ahmade Mukhtaar Aagaye Sarkar Aagaye Mere Sarkar Aagaye.